सो जा मेरी सोन परी….
मीठे सपनों में खोजा री....
सो जा मेरी नन्हीं परी...
सतरंगी सपनों में खोजा री...
पापा जब घर आएंगे
ढेरों खिलौने लाएंगे,
अपनी परी को गोद मे लेकर
बाहों का झूला झुलाएंगे।
मां की आंखों में हर पल चेहरा तुम्हारा
अपना सब कुछ तुझ पर वारा,
करती हर पल सेवा तुम्हारी
तुम ही उसकी आंख का तारा।
आंखों से बहते आंसू तुम्हारे
वो पगली रोने लगती है,
खुश रहना मेरी बिटिया रानी
दिल से दुआ ये देती है।
चाचा अभी गए हैं पढ़ने
जब वो वापस आएंगे,
अपनी प्यारी गुड़िया की खातिर
खूब मिठाई लाएंगे।
दादी को करने हैं काम कई
उनको तुम परेशान ना करना,
खत्म करके काम वो अपना
परी को देंगी आंचल का पलना।
दादा की तुम आंखों का तारा
करते हैं तुमको प्यार वो ढेर सारा,
जब भी आते परी से मिलने
दिलवाते हैं सुंदर-सुंदर कपड़ा।
नाना का है तुमसे लाड बड़ा
कहते हैं तुमको सोनपरा,
दूर से आते तुमसे मिलने
साथ मे लाते बर्फी, लड्डू और पेड़ा।
बेटा जब तुम सोकर जागोगी...
सब तुमसे मिलने आएंगे,
गोद में लेकर अपनी परी को
सारे लोरी सुनाएंगे।
सो जा री मेरी नन्हीं परी...
सो जा मेरी सोन परी...
मंगलवार, 11 मार्च 2008
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